राय और ब्लॉग्स / अजमेरनामा
खुद की उपेक्षा और पायलट को आगे बढ़ते देखना गहलोत को बर्दाश्त नहीं, शीर्ष पर रहे राजनीतिक क्षत्रप उतार आने पर बौखला जाते हैं *ओम माथुर* जब किसी राज्य म
*फूलों का बिखरना तो तय था लेकिन* *कुछ इसमें हवाओ की सियासत बहुत थी* *ममता बनर्जी की तृणमूल या फूल की पत्तियां के बिखरने पर परवीन शाकिर का उक्त शे’र कु
विश्व नेत्रदान दिवस (10 जून, 2026) पर विशेषः मानव जीवन में आंखों का महत्व केवल देखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे हमारी चेतना, संवेदना, ज्ञान और जीवन के
इतिहास गवाह है कि मुगल सम्राट अकबर के द्वारा दिये गये झूठे आश्वासन, उच्चस्थान, पदाधिकार आदि प्रलोभनों और भय से वशीभूत होकर कई राजपतू राजाओं ने सम्राट
तेरीयादोंकामौसमरहापहर-दर-पहर, दिलमेंइकदर्दपलतारहापहर-दर-पहर। चाँदख़ामोशथा,चाँदनीभीउदास, कोईसायाभटकतारहापहर-दर-पहर। नींदआँखोंकीचौखटपेआकररुकी, ख़्वाबतेर
10जून2026भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि का दिन नहीं है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार4,399दिनों तक प्रधानमंत्री
कला केवल रंगों, रेखाओं और आकृतियों का संयोजन नहीं होती, वह जीवन की अनुभूतियों, संबंधों और संवेदनाओं की अभिव्यक्ति भी होती है। जब दो कलाकार अपने-अपने स
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (7 जून 2026) पर विशेषः हर वर्ष 7 जून को मनाया जाने वाला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस केवल सुरक्षित भोजन की आवश्यकता का स्मरण करान
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), जिसने पिछले डेढ़ दशक से बंगाल की राजनीति पर लगभग एकाधिकार
5जून विश्व पर्यावरण दिवस –बाबूलाल नागा हर वर्ष5जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। यह केवल एक औपचारिक दिवस नहीं,बल्कि मानव समाज को प्रकृति के प्
रात के दो बजे हैं। देश के किसी छोटे शहर में एक विद्यार्थी अभी भी जाग रहा है। मेज पर खुली हुई पुस्तकें हैं,दीवार पर समय-सारिणी चिपकी है और मोबाइल फोन म
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, नमस्कार। मैं कोसीनोक जैन, अजमेर का निवासी, आपसे एक गंभीर विषय पर ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। जानकारी के अन
भारत आज विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में अग्रणी है। देश की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या 35 वर्ष से कम आयु की है। यह युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी साम
आज मानवता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में प्रवेश कर चुकी है। मशीनें भाषा समझ रही हैं,चित्र बना रही हैं,निर्णय ले रही हैं और अनेक क्षेत्रों में मनुष्य क
अजमेर 7 मई ( ) कांग्रेस सेवादल के संस्थापक डॉ नारायण सुब्बाराव जी हार्डिकर की 137वी जयन्ती के अवसर पर पुरे भारत वर्ष में कांग्रेस सेवादल के साथी उन्हे
रविन्द्रनाथ टैगोर जयंती पर विशेष भारत के सांस्कृतिक आकाश में कुछ ऐसे नक्षत्र हैं, जिनकी आभा समय की सीमाओं को लाँघकर युगों तक प्रकाश देती रहती है। रवीन
जीवन की सांझ जब अपने पूरे विस्तार के साथ उतरती है, तब मनुष्य को सबसे अधिक आवश्यकता दवाइयों या धन की नहीं, बल्कि अपनों के सान्निध्य और अपनों की होती है
देश में स्वास्थ्य सेवा की वर्तमान स्थिति पर विचार करते समय एक अत्यंत चिंताजनक, मानवीय और संवेदनशील प्रश्न सामने आता है-क्या चिकित्सा अब सेवा न रहकर व्
3मई विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस हर साल 3 मई को मनाया जाता है। विश्वभर में यह दिन मीडिया के योगदानों को याद करने के लिए समर
भारतीय संस्कृति के हिन्दू सनातन धर्म में धार्मिक व पौराणिक मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ मास को अत्यन्त पावन मास माना गया है। इस मास में गंगा स्नान, दान अ
जब साँसों का धागा टूट गया, तन का हर बंधन छूट गया। जब हाथों की ताकत हार गई, जीवन की नैया पार गई। जब देह ने रिश्ता तोड़ दिया, हर नस ने चलना छोड़ दिया। त
बुद्ध पूर्णिमा (1 मई 2026) पर विशेषः मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसे महापुरुष हुए हैं, जिनका जीवन केवल एक युग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि युगों-युगों
विश्व इच्छा दिवस- 29 अप्रैल 2026 पर विशेषः हर वर्ष 29 अप्रैल को मनाया जाने ‘विश्व इच्छा दिवस’ मानवता के उन कोमल स्पंदनों को अभिव्यक्त करता है, जो हमें
युद्ध की आशंकाओं के बीच आशा का सेतुः वैश्विक परिदृश्य इन दिनों युद्ध की अनिश्चितताओं, तनावों और भू-राजनीतिक खींचतान से भरा हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़
विश्व बौद्धिक संपदा दिवस, 26 अप्रैल 2026 पर विशेषः प्रतिवर्ष 26 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व बौद्धिक संपदा दिवस केवल किसी कानूनी अधिकार की औपचारिक
आचार्य महाश्रमण का 65 वांजन्मदिवस, 25 अप्रैल 2026 मानव इतिहास के इस अशांत और संक्रमणकालीन दौर में जब विश्व का परिदृश्य युद्ध, हिंसा, आतंकवाद और वैचारि
सियासत में मुस्कानें कभी-कभी शब्दों से ज्यादा बोलती हैं। संकेत मौन से ज्यादा मुखरित होते हैं। और इशारे अक्सर नई कहानी कहते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही ह
विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस, 23 अप्रैल 2026 पर विशेषः हर वर्ष 23 अप्रैल को समूचा विश्व ज्ञान, सृजनशीलता और मानवीय सभ्यता की अमूल्य धरोहर पुस्तकों क
राजस्थान कांग्रेस रणभूमि बनी हुई है। खतरा डिजिटल खेल का है। तीर बाहर अंदर से चल रहे हैं। केंद्र में हैं गोविंद सिंह डोटासरा, जो अपने समर्थकों की हरकतो
पचपदरा।रेत काविस्तार।तेल की रिफाइनरी। उम्मीदों का आसमान। रोजगार की फैक्ट्री औरऊर्जा का स्वप्न।लेकिन अचानक आग। सपलपाती लपटों नेरिफाइनरी को लपेट लिया।वह
कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र में दो महीनों के भीतर चार छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी ए
मानव सभ्यता के इतिहास में कुछ ऐसे सूत्र, ध्वनि-विन्यास और आध्यात्मिक प्रयोग विद्यमान हैं, जो सामान्य धार्मिक आस्था की सीमाओं से परे जाकर कहीं अधिक गहर
अष्टद्रव्यसेपूजाकरें,भावोंकाविस्तार, प्रभुचरणोंमेंअर्पितकरें,श्रद्धाअपार। जल-चंदन-अक्षत-पुष्प,नैवेद्यदीपउजियार, धूप-फलसेपूर्णहो,प्रभुकासत्कार॥ जलचढ़ाऊ
मानव सभ्यता के विकास का इतिहास यदि देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि हर नई तकनीक अपने साथ संभावनाओं और संकटों का एक द्वंद्व लेकर आती है। आज का समय भी इ
बहुत खुश होगा दुनिया बनाने वाला। बहुत रोया सबको हंसाने वाला।। मुद्दत से ढूंढ रहे यार हम अपनों को। काश वो मिल जाए रिश्ते बनाने वाला।। केसे गुजरे हैं मे
अक्षय तृतीया- 19 अप्रैल, 2026 अक्षय तृतीया महापर्व का न केवल सनातन परम्परा में बल्कि जैन परम्परा में विशेष महत्व है। इसका लौकिक और लोकोत्तर-दोनों ही द
परशुराम जयन्ती भी मनायी जाती है धूमधाम से ऐसा दिन जिसका सभी बेसर्बी से इंतजार करते है वह है – अक्षय तृतीया का दिन। यही ऐसा अबूझ मुहूर्त है जिसमें हर स
दिल्ली जैसे महानगर की आपाधापी, भागदौड़ और संवेदनहीनता के बीच यदि कोई ऐसा स्थान निर्मित हो, जहाँ पहुंचते ही मन शांत हो जाए, आत्मा को विश्राम मिले और जीव
देकर अपनी जवानी के बहुमूल्य वो सारे पल खरीदीं है हमने थोड़ी सी सरकार की पेंशन, वृद्ध अवस्था में अपने चाहे साथ दे या ना दे हमें भूखें रखते नहीं कभी, हम
आज से ही सब छोड़ दो यह गेंहू की रोटिया खाना, नही तो यारो पहुंचा देगा यह सभी को सफाखाना। खा खाकर जिससे सब लोग आज बढ़ा रहे है तोंद, जीना है तो गेंहू छोड
मेरेलफ़्ज़ोंकीआख़िरीबाततू, मेरीख़ामोशीकाहरराज़तू, तुझसेहीचलतीहैयेधड़कन, मेरेहोनेकाएहसासतू तेरेबिनासबफीकासालगे, जैसेकोईसपनाअधूरालगे, तूजोमिलेतोरंगभरजाए
भारतीय संगीत का आकाश आज कुछ अधिक मौन, कुछ अधिक रिक्त प्रतीत होता है। स्वर की वह चंचल चिड़िया, जन-जन को चमत्कृत करने वाली आवाज जिसने दशकों तक हर हृदय मे
भारत में जब भी त्योहारों और शादियों का मौसम आता है, तो पूरा देश रंगों, संगीत और परंपराओं से सराबोर हो जाता है। इन उल्लासपूर्ण आयोजनों के बीच एक छोटी-स
14अप्रैल डॉ.भीमराव अंबेडकर जयंती विशेष लेख 14अप्रैल का दिन भारतीय इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी दिनभीमराव अंबेडकरका जन्म हुआ था,जिन्हें पूरे दे
डॉ. अंबेडकर जयंती पर विशेष सन 1930 में लंदन में आयोजित गोलमेज कॉन्फ्रेंस में शेर की तरह दहाड़ते हुए एक युवक ने कहा ‘‘अंग्रेजों पहले तुम भारत छोड़ो‘‘। यु
आशा भोंसले जी का नाम भारतीय संगीत इतिहास में अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपने करियर में आठ दशकों से भी अधिक समय तक संगीत जगत में अमूल्
*केवल वादों की सूची नहीं, बल्कि बंगाल के पुनर्निर्माण का व्यावहारिक खाका है।* – केशव कुमार भट्टड़ कोलकाता। पश्चिम बंगाल के 2026 विधानसभा चुनाव से ठीक प
11 अप्रैल का दिन भारतीय समाज के लिए सिर्फ एक जयंती नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। यह दिन हमें ज्योतिराव गोविंदराव फुले के उस संघर्ष की याद दिलाता है
भारतीय किशोरों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति एवं क्रूर मानसिकता चिन्ताजनक है, नये भारत एवं विकसित भारत के भाल पर यह बदनुमा दाग है। पिछले कुछ समय से किशोर
इतिहास में कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जो अपने समय की सीमाओं को लाँघकर शाश्वत चेतना का रूप ले लेती हैं। महाड़ सत्याग्रह भी ऐसी ही एक घटना है, जिसने केवल ए

