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जगराओं में NRI महिला से 1.20 लाख की ठगी:फर्जी पत्रकार बनकर ऐंठे रुपये, एक गिरफ्तार; अस्पताल में AAP नेता से बहस

जगराओं में एक एनआरआई महिला से शिकायत पर कार्रवाई करवाने के नाम पर 1.20 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। दो व्यक्तियों ने खुद को फर्जी पत्रकार बताकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर एक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार है। पीड़ित महिला अमनदीप कौर, निवासी गांव नंगल (लुधियाना), इंग्लैंड की नागरिक हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका जगराओं की एसडीएम अदालत में एक सिविल केस चल रहा है। 3 जून को केस की तारीख पर दूसरे पक्ष से उनकी बहस हो गई थी, जिसके बाद उन्होंने मीडिया में जाने का मन बनाया। इसी दौरान दो व्यक्ति अमनदीप कौर के पास पहुंचे और खुद को पत्रकार बताकर उन्हें भरोसे में ले लिया। उन्होंने शिकायत पर कार्रवाई करवाने के नाम पर महिला से 1 लाख रुपए ले लिए। महिला ने SSP से की शिकायत शिकायत के अनुसार, 4 जून को महिला ने इस घटना को लेकर एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता को शिकायत दी, जिस पर थाना सिटी को जांच के आदेश दिए गए। 8 जून को दोनों आरोपी दोबारा महिला से मिले और शिकायत पर कार्रवाई करवाने के लिए 5 लाख रुपए की मांग की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से 'सेटिंग' होने का दावा किया। जब महिला ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने उसे झांसे में लेकर 20 हजार रुपए और ले लिए। बाद में महिला को पता चला कि दोनों व्यक्ति फर्जी पत्रकार हैं और उसके साथ ठगी की गई है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को दोबारा शिकायत दी। पुलिस जांच के बाद थाना सिटी में आरोपियों नसीब सिंह उर्फ नसीब विर्क (गांव विर्क) और सोनी शेरपुरी (गांव शेरपुर कलां) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 308(2), 318(4), 61(2), 74, 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी सोनी फरार पुलिस ने नसीब विर्क को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सोनी शेरपुरी अभी फरार है। थाना सिटी के एसआई खुशपिंदर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा।वरंट अफसर ने थाने में तड़के मारा छापा, आरोपी की गिरफ्तारी समय को लेकर जांच शुरू सूत्रों के अनुसार पुलिस ने देर रात ही आरोपी को हिरासत में लेकर उसकी गिरफ्तारी दर्ज कर दी थी। वहीं दूसरी ओर आरोपी के परिजनों ने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि उसे अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। इसके बाद वरंट अफसर ने सुबह करीब चार बजे थाना सिटी में छापा मारा। हालांकि तब तक पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी पहले ही दर्ज कर चुकी थी। मामले की जांच के दौरान वरंट अफसर ने गिरफ्तारी का समय, केस दर्ज होने का समय और संबंधित सभी रिकॉर्ड नोट किए तथा अपनी रिपोर्ट तैयार की।मेडिकल के दौरान अस्पताल में AAP नेता से तीखी बहस दूसरी ओर, गिरफ्तार नसीब विर्क को पुलिस ने दोपहर में जगराओं के सिविल अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश किया। नसीब विर्क की अस्पताल में आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता गोपी शर्मा से भी तीखी बहस हो गई मिली जानकारी के मुताबिक, AAP नेता नसीब विर्क हथकड़ी में उनका वीडियो बना रहे थे, जिस पर आरोपी भड़क गया। पहले आरोपी ने इसकी शिकायत पुलिस से की, लेकिन बाद में दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। विड़ियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया वायरल हो रहे वीडियो में गोपी शर्मा को आरोपी से यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “पूरी ज़िंदगी लोगों को ब्लैकमेल करने के अलावा तुमने किया ही क्या है?” AAP नेता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले, जब उनकी पत्नी नगर कौंसिल का चुनाव लड़ रही थीं, तो इन्हीं लोगों ने उनसे सीधे 50,000 रुपए मांगे थे।

दैनिक भास्कर 9 Jun 2026 3:37 pm

अमृतसर में लापता NRI का मर्डर:ऑस्ट्रेलिया का नागरिक, घर की मरम्मत कराने आया था, नहर किनारे लाश मिली; भाई-भाभी गिरफ्तार

अमृतसर में लापता हुए प्रवासी भारतीय (NRI) की हत्या कर दी गई। इसके बाद उसका शव हरिके के पास नहर में फेंक दिया गया। उसकी पहचान सुनील शर्मा (66) के रूप में हुई है। वह ऑस्ट्रेलिया के नागरिक थे और अमृतसर में अपने घर की देखरेख व डेंटिंग-पेंटिंग के काम के लिए आए थे। अमृतसर आने के बाद वह 22 मई को लापता हो गए। उनकी बेटी ने वीडियो जारी कर उनकी गुमशुदगी की जानकारी दी। अब पुलिस ने उनकी हत्या की पुष्टि की है। साथ ही उनके शव को नहर के पास से बरामद कर लिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक के भाई, भाभी और भतीजा समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला है कि संपत्ति विवाद में इस वारदात को अंजाम दिया गया। ये रिश्तेदार गिरफ्तार हुए… नींद की गोलियां दीं, बेसबॉल बैट मारकर हत्या की अमृतसर के SSP कंवलप्रीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि अमृतसर में 22 मई को सुनील शर्मा को पहले नींद की गोलियां दी गई थीं। इसके बाद उनके सिर पर बेसबॉल बैट से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की गई। उनके शव को हरिके के पास नहर में फेंक दिया गया था। SSP ने बताया कि पहले धारा 364 के तहत सुनील शर्मा के लापता होने का मामला दर्ज किया गया था। बाद में पता चला कि सुनील शर्मा को उनके भाई सतीश शर्मा ने प्रॉपर्टी बेचने के लिए भारत बुलाया था। फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी से संपत्तियां बेचीं जांच में सामने आया कि सुनील के भाई सतीश ने लुधियाना से कथित तौर पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कर सुनील की कई संपत्तियां पहले ही बेच दी थीं। अमृतसर की ऐशाना एस्टेट स्थित एक संपत्ति भी बेची जा चुकी थी। मोहाली में उनकी 4 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की संपत्ति पर भाइयों के बीच विवाद हुआ था। SSP ने बताया कि पुलिस ने सतीश शर्मा, उसकी पत्नी अनुष्का शर्मा और उसके बेटे को दिल्ली से गिरफ्तार किया। मामले में प्रॉपर्टी डीलर लक्ष्मण सिंह बल का नाम भी सामने आया है। मामले में अधिकांश आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। मैथ्य टीचर थे NRI सुनील शर्मा NRI की बेटी सुरभि शर्मा ने बताया कि उनके पिता सुनील शर्मा ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के एक स्कूल में मैथ्य टीचर थे। भारत आने के बाद उसने अंतिम बार 22 मई को फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद उनका फोन बंद हो गया और उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ। सुरभि ने वीडियो जारी कर पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान से भावुक अपील की थी कि उनके पिता को जल्द से जल्द ढूंढा जाए। बेटी ने वीडियो जारी कर ये बातें कही थीं… ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी सिंगर के 3 कातिल अरेस्ट, NRI बॉयफ्रेंड का पिता भी शामिल पंजाबी सिंगर इंदर कौर उर्फ यशइंदर की हत्या के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा इंदर कौर के साथ जबरदस्ती शादी करना चाहता था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 6 Jun 2026 3:28 pm

प्रवासी भारतीयों के लिए मजबूत मंच तैयार करेगा पंजाब चैप्टर

भास्कर न्यूज़ | लुधियाना एनआरआई वेलफेयर सोसायटी ऑफ इंडिया ने पंजाब के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी एडवोकेट इक़बाल सिंह को अपने पंजाब चैप्टर का जनरल सेक्रेटरी नियुक्त किया है। नियुक्ति सोसायटी के कन्वीनर और भारतीय ऑब्जर्वर के संपादक दीपक सिंह की ओर से की गई। दीपक सिंह ने बताया कि सोसायटी कई वर्षों से दुनिया भर में बसे भारतीयों को उनकी मातृभूमि से जोड़ने, प्रवासी भारतीयों के हितों की रक्षा करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए मंच उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि एडवोकेट इक़बाल सिंह के नेतृत्व में पंजाब चैप्टर एनआरआई समुदाय के कल्याण से जुड़े कार्यों को अधिक सक्रियता से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा, प्रवासी भारतीय भारत की अमूल्य धरोहर हैं। उन्हें अपनी जड़ों से जोड़े रखना हमारी प्राथमिकता है।” एडवोकेट इक़बाल सिंह ने नियुक्ति पर आभार जताते हुए कहा कि वे पंजाब सहित देश-विदेश में बसे एनआरआई भारतीयों के हितों और समस्याओं के समाधान के लिए निष्ठा से काम करेंगे। उन्होंने कहा, “कानूनी जागरूकता, सामाजिक सहयोग और भारत के विकास में एनआरआई की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए चैप्टर को मजबूत किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 6 Jun 2026 5:30 am

मुफ्त शिक्षा के लिए दान की जगह पर बना डाली कोठी; घर से निकाला तो बुजुर्ग एनआरआई दंपती ने बिछाई दरी

पीड़ित एनआरआई प्रोफेसर दविंदर सिंह ग्रेवाल और उनकी पत्नी ने रुंधे गले से कहा इस उम्र में अब हमारी कोई ख्वाहिश नहीं बची है। हमें न तो धन-दौलत चाहिए और न ही कोई ऐश-ओ-आराम। हम तो बस अपने दिवंगत बेटे की याद में एक ऐसा एजुकेशन सेंटर बनाना चाहते हैं, जहां गरीब बच्चे मुफ्त में पढ़-लिख सकें। हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि यहां से शिक्षा पाकर बच्चे जिंदगी में एक कामयाब और अच्छे इंसान बनें। लेकिन हमें क्या पता था कि भगवान के घर (धार्मिक संस्था) में ही हमारे साथ ऐसा धोखा हो जाएगा और हमारी भावना का तमाशा बना दिया जाएगा। भास्कर न्यूज | लुधियाना बाड़ेवाल रोड स्थित पंजाब कॉलोनी से रिश्तों को शर्मसार करने और एक तथाकथित धार्मिक संस्था के बाबा द्वारा बुजुर्गों से धोखाधड़ी का बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। एक पढ़े-लिखे एनआरआई बुजुर्ग प्रोफेसर दंपति, जिनकी उम्र 80 साल हो चुकी है, आज न्याय के लिए अपने ही घर के बाहर दरी बिछाकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं। दिल के मरीज इस बुजुर्ग दंपति का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने अपने दिवंगत बेटे की याद में बच्चों की मुफ्त शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये की जमीन दान कर दी थी। शुक्रवार को इस प्रताड़ना और धोखे से तंग आकर आज उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए अपने ही घर के बाहर दरी बिछा दी और पुलिस विभाग के खिलाफ रोष जाहिर किया। प्रोफेसर ग्रेवाल ने बताया कि उन्होंने इस धोखाधड़ी और कब्जे के खिलाफ अदालत में केस भी दायर कर दिया है। मामले का संज्ञान लेते हुए डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने लुधियाना पुलिस को तुरंत सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीसी ने पुलिस को मार्क करते हुए कहा है कि दोनों बुजुर्गों को तुरंत पूर्ण न्याय दिलाया जाए और उन्हें सम्मानजनक तरीके से उनके घर के अंदर बिठाया जाए। मेरे दो बेटे थे। एक बेटे का कुछ समय पहले देहांत हो चुका है, जबकि दूसरा बेटा मुझे व मेरी पत्नी को बेसहारा छोड़कर अपनी पत्नी के साथ दिल्ली में रह रहा है। हम दोनों पति पत्नी ने मृत बेटे की याद को जिंदा रखने के लिए बाड़ेवाल रोड की पंजाब कॉलोनी वाला 512 गज का करोड़ों रुपये का प्लॉट बारुंदी की एक धार्मिक संस्था के बाबा को दान कर दी थी। दान की शर्त यह थी कि बाबा वहां गरीब बच्चों के लिए एक एजुकेशन सेंटर बनाएंगे, जहां बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। लेकिन मुझे तब गहरा सदमा लगा, जब पता चला कि बाबा ने वहां कोई एजुकेशन सेंटर नहीं बनाया, बल्कि उस जमीन पर एक आलीशान कोठी खड़ी कर दी और उसे कमाई का साधन बनाते हुए किसी दूसरे को रहने के लिए दे दिया। जब मैं और पत्नी सच्चाई जानने बाबा के पास गए, तो उसने मिलने तक से मना कर दिया। मैंने मामले की शिकायत डीसी से की। प्रशासन के दखल के बाद हम दोनों अपने घर के अंदर तो चले गए, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया। हम दोनों को मेरे ही घर के मुख्य हिस्से से हटाकर एक छोटे से स्टोर रूम में रहने को मजबूर किया , जहां न तो सांस लेने के लिए पंखा है और न ही लेटने के लिए बेड। मुझे अपने ही घर में अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।- दविंदर सिंह ग्रेवाल पीड़ित प्रोफेसर

दैनिक भास्कर 6 Jun 2026 5:30 am