साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार: वीसी
रांची| डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों और डेटा सुरक्षा की चुनौतियों के बीच झारखंड विश्वविद्यालय प्रौद्योगिकी (जेयूटी) में साइबर सिक्योरिटी, ब्लॉक चेन और क्रिप्टोग्राफी विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) चल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ईआईसीटी प्रायोजन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन कुलपति प्रो. डीके सिंह की मॉनिटरिंग में किया जा रहा है। इसमें राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के 99 शिक्षक भाग ले रहे हैं। वीसी प्रो. डीके सिंह ने कहा कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और डिजिटल विश्वास का महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है।
मावली के फतहनगर में 'पंख' महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। विकल्प संस्थान द्वारा संचालित इस कार्यक्रम में सिलाई का प्रशिक्षण ले रहीं 30 महिलाओं और किशोरियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता फतहनगर थाने के बाल संरक्षण अधिकारी लक्ष्मण जाट थे। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को वर्तमान डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जाट ने सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और ठगी से सतर्क रहने की अपील की। इसके साथ ही, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर विकल्प संस्थान की ओर से कुसुम दवे, ममता सुथार और नीलम भी मौजूद थीं। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग किया।

